पति की डायरी – Hindi Sex Stories

पति की डायरी
वो इतनी सुन्दर है, इतनी नशीली है.. पहली ही नज़र में हर पुरुष उसे पाने की इच्छा करने लगता है! वो पारी लोक सरीखी सुंदरता लिए है, जिसका कि कोई अंत ही नहीं.. वो एक बढ़िया सेक्स के लिए किसी भी पुरुष के हवाले होने से गुरेज नहीं करने वाली है, लेकिन उसकी सिर्फ एक शर्त है.. वो ये कि उसका विश्वासपात्र दोस्त यानि मैं उसके हर कदम के साथ रहूँ. आप सभी को स्वीट कपल का नमस्कार.. मेरा नाम अनूप है, और नताशा मेरी धर्मपत्नी है.
मेरी धर्मपत्नी कुछ ऐसी ही है..
“मार डालूँगा.. काट डालूँगा, चीर दूंगा, फाड़ दूंगा, अगर किसी ने मेरी पत्नी को छुआ तो!”, कुछ इस प्रकार मैं अपनी पत्नी को प्यार करता था जब हमारी नई-२ शादी हुई थी. दिल में प्यार ही प्यार उमड़ता था.. और हो भी क्यों ना, आखिर हमारी उम्र ही क्या थी.. डेढ़-दो साल में प्यार कि गर्मी थोड़ी कम हो गई.. नहीं-नहीं कोई साइड लव स्टोरी का चक्कर नहीं था, बस हम सेक्स कि एकरसता से बोर हो गए. लेकिन फिर भी हम सेक्स तो बंद नहीं कर सकते थे ना! हमारे अंदर एक नई हॉबी जन्म ले रही थी, पोर्न फिल्म्स देखने की. हमें परदे पर चुदाई बहुत भाती थी! और कुछ ही समय में हमने लगभग सभी प्रकार की पोर्न फिल्म्स का अनुभव ले लिया: वन बाई वन, ग्रुप सेक्स, फैमिली सेक्स, होमोसेक्सुअल सेक्स, लेस्बियन सेक्स इत्यादि. लेकिन हमारी निगाहों को जो सबसे अच्छा लगा वो थ्रीसम सेक्स ही था और कुछ आर्टिस्ट्स भी हमें बहुत अच्छे लगते थे, जैसे रोक्को स्फीरेड्डी, सिल्विया सेंट, आर्मस्ट्रांग, जेन्ना जैम्सन, निक्की स्टर्लिंग, आदि.
समय के साथ हम इसी प्रकार के “ट्रिपल सेक्स” को देखने का आनंद लेने लगे. हमें पोर्न डायरेक्टर्स का ये आईडिया बहुत ही पसंद आया, जब दो लड़के मिल कर एक दुबली पतली सुंदरी का मान मर्दन करते थे! हालाँकि यदि पुलिंग की संख्या अधिक होती तो भी हमें कोई आपत्ति नहीं थी. सिर्फ स्त्रीलिंग तो एक ही बेहतर है!
हाय डार्लिंग क्या मस्त सीन है.. इकट्ठे दो-दो लण्ड इस लड़की ने ले डलवा रखे हैं! नताशा अक्सर कहने लगी थी,- सच डार्लिंग, कितनी मस्ती आती होगी जब दो-२ लण्ड तेरे अंदर हों! क्या गज़ब फीलिंग है, एक लण्ड तेरी चूत में घुसा हो, और दूसरा गांड फाड़ रहा हो!! समझ सकती हूँ कितना मजा आ रहा होगा इस लड़की को! अरे देखो, इस लड़की को ने तो तीसरा लण्ड भी ले लिया.. मुंह में!!! ओऊ.. क्या बात है.. जन्नत! कुछ इस प्रकार से मेरी नताशा अपने विचार प्रकट करने लगी थी. मुझे तो ये सीन पसंद थे ही, और मैं चाहने लगा था की किसी दूसरे लड़के के साथ मिल कर नताशा की चुदाई करूँ! समय के साथ साथ हम इस विषय को अपने सेक्स में मिलते चले गए. “जरा देखना, क्या तुम ऐसा मोटा लण्ड अपनी चूत में ले सकती हो, जैसा की इस लड़की की चूत ने निंगल रखा है.. जबकि इसकी गांड में भी दूसरे नीग्रो का लण्ड भरा हुआ है!”,- मैंने एक बार मजाक में ही नताशा से पूछा. “ये भी कोई पूछने की बात है डार्लिंग! बिना किसी प्रॉब्लम के ले लुंगी!! इससे ज्यादा मस्त और क्या हो सकता है.. मैं तो मजे के साथ दो-दो लण्ड ले सकती हूँ”,- मेरी पत्नी के उत्तर से मुझे आश्चर्य मिश्रित प्रशंसा हुई. लेकिन साथ ही वो बोली की मुझे ईर्ष्या होगी, और मैं खुद ही पीछे हैट जाऊंगा!,- कौन सा पुरुष अपनी बीवी को अपने सामने दूसरे पुरुष से चुदवा सकता है!! और तो और चाहे खुद पत्नी ही ऐसा चाहती हो.. “बेकार में ही तुम ऐसा सोचती हो.. मेरी खुद की भी इतनी इच्छा है ये देखने की कि कैसे दो-2 लण्ड तेरे छेदों को पेलेंगे!.. लेकिन डरता हूँ कि कहीं बाद में तू उन्हीं से चुदवाने लगेगी और मुझे छोड़ देगी!”
– चल रहने दे अब बेकार कि बात.. मै तुम्हे नहीं छोड़ने वाली! इतना प्यार करने वाला पति तो मिलने से रहा कम से कम इस जन्म में तो.. रही बात तुम्हारे बिना किसी के साथ लेटने कि तो मैं वादा करती हूँ कि तुम्हारे बिना मैं किसी से नहीं मिलूंगी, साथ ही तुम भी मुझसे वादा करो कि हमारी सेक्स रिलेशनशिप सिर्फ दूसरे आदमियों तक ही सीमित रहेगी, और तुम किसी दूसरी लड़की कि इच्छा नहीं करने लगोगे?
– मुझे दूसरी लड़की कि कोई जरुरत नहीं है, मैं सिर्फ तुमको खुश देखना चाहता हूँ, और दूसरी लड़कियां मुझे कतई भी पसंद नहीं!
– हाँ.. देख लो, अगर कोई लड़की हमारे बीच आई तो अच्छा नहीं होगा..
– वचन देता हूँ कि हमारे क्लब में जेंट्स कि तो ओपन एंट्री होगी, लेकिन लेडी सिर्फ एक होगी, सिर्फ तुम!!
इसके साथ ही हमारा करार हो गया, और मैंने थोड़ी देर बाद नताशा से कहा,- जरा सुनो, तुम्हे बिट्टू कैसा लगता है.. अरे वही इंडियन लड़का जो दो बार हमारे घर आ चुका है? और बातों-२ में मुझसे रिक्वेस्ट करता रहता है कि मैं तुम्हे बोल कर तुम्हारी किसी सहेली से उसकी जान पहचान करवा दूँ! बेचारा मरा जा रहा है किसी लड़की के लिए!! अगर तुम कहो तो बात करें उससे.. मैंने आँख मरते हुए हस कर कहा.
– हाँ, ठीक रहेगा.. नताशा के चेहरे पर मुस्कान तैर गई.
कुछ दिनों बाद बिट्टू हमारे घर आया और मैं उसके साथ किचन में बैठ गया. टेबल के एक तरफ मैं और नताशा बैठे, और दूसरी तरफ बिट्टू. नताशा रेफ्रीजिरेटर से बियर की बोतल निकल कर हमे सर्व करने लगी. मैंने बिट्टू को बताया कि नताशा ने उसकी रिक्वेस्ट मान ली है, और आज नताशा कि एक सहेली हमारे घर आने वाली है, जिससे कि बिट्टू दोस्ती ऑफर करेगा. सुन कर बिट्टू की तो बाछें खिल गयी, और वो जल्दी से नीचे वाली दुकान से शेम्पेन की बोतल खरीद लाया और बैठ कर इंतज़ार करने लगा. लेकिन नताशा ने तो उसका बेवकूफ बनाया था, इसलिए उसने झूठ बोलना जारी रखा और कहा की जब वो निचे गया था, उसकी सहेली ने फ़ोन किया था और बोली की वो आज नहीं आ पाएगी! २-४ दिनों बाद बताएगी!! लड़का बहुत निराश हो चला और रोने को हो आया. नताशा ने उसे दिलासा दी और पिने के लिए व्हिस्की. मैं और बिट्टू व्हिस्की पीने लगे और नताशा शेम्पेन. दो-२ पैग लगाने के बाद मैंने कमरे में टीवी के सामने बैठ कर पीने का ऑफर रखा, जिसे नताशा और बिट्टू दोनों ने स्वीकार कर लिया. बैडरूम में मैं और नताशा अपने बेड पर बैठ गए, और बिट्टू सोफ़ा चेयर पर. एक-२ पैग और लगाने के बाद नताशा थोड़ी-२ नशे में हो गयी और जल्दी-२ चैनल बदलने लगी.. कोई भी ढंग का प्रोग्राम नहीं.. सब बेकार के! मैंने हंस कर कहा पोर्न देख लेते हैं.. नताशा भी सीरियस होकर बोली मुझे कोई ऐतराज नहीं है, और बिट्टू की दिशा में देखने लगी. बिट्टू वैसे ही अधीर हुआ बैठा था, और आँखों ही आँखों में मेरी रुस्सियन बीवी का गोरा बदन पीता जा रहा था. वो भी सहमति में गर्दन हिलाने लगा.
जैसे ही टीवी पर एक ब्लॉन्ड लड़की को दो लड़को ने चोदना चालू किया, इंडियन लड़के की ऑंखें आश्चर्यचकित होती चली गयीं.
उसकी ऑंखें टीवी स्क्रीन से चिपक कर रह गयीं! इसके साथ ही थोड़े नशे में आ चुकी नताशा ने फिल्म की कमेंटरी करना शुरू कर दिया, जिससे बिट्टू और भी ज्यादा एक्साइट हो गया. हम नताशा संग टीवी ना देख कर बिट्टू को देख रहे थे.. कैसी फटी-फटी आँखों से वो टीवी में नज़रें गड़ाए हुए था. तब तक नताशा भी काफी एक्साइट हो चुकी थी, और उसने बिट्टू से कहा: क्या बन्दर की तरह नज़र गड़ाए बैठा है.. जैसे कभी नंगी लड़की ही ना देखी हो.. मेरे पास आ, मैं तुझे दिखाती हूँ जन्नत का नज़ारा! बिट्टू ने तिरछी निगाहों से मेरी तरफ देखा, लेकिन मैं सिर्फ मुस्कुरा दिया. वो थोड़ा घबरा कर बोला.. आप सचमुच ऐसा चाहते हैं या मजाक कर रहे हैं?
नताशा ने जवाब दिया,- अरे भाई हम सच में ये ट्राई करना चाहते हैं! आप मर्द लोग दूसरी लड़कियों के साथ सेक्स कर सकते हो लेकिन अगर पत्नी ऐसा करना चाहे तो ये पाप हो जाता है!
– “नहीं-नहीं मेरा वो मतलब नहीं था..”,- बिट्टू थोड़ा गड़बड़ा गया.
– अगर नहीं था, तो कोई बात नहीं.. मुझे अपना लण्ड दिखाओगे?,- नताशा के सीधे सवाल से बिट्टू थोड़ा हड़बड़ा कर मेरी तरफ देखने लगा. मैंने उसे आँखों द्वारा ही सांत्वना दी, और कहा,- अब दिखा दे भाई बिट्टू अपनी भाभी जी को कड़क पंजाबी लण्ड!
मेरी शह पाकर लड़के की हिम्मत बढ़ गई और वो थोड़ी राहत के साथ सोफे से कमर लगा कर लेट गया. इस समय तक मेरी पत्नी उसके नज़दीक आ चुकी थी, और ठीक बिट्टू के सामने खड़ी होकर, उसे नज़र भर कर देखने के बाद वो नीचे घुटनों के बल कारपेट पर बैठ गई, और अपने दोनों हाथों से बिट्टू के पेंट की चैन खोलने में जुट गई. चैन खुलने पर, उसने अंदर हाथ डाल कर टटोला और अंदर से सोए हुए लिंग को बाहर निकाल लिया. मुस्कुराते हुए उसने अपनी गुलाबी जीभ बाहर निकाली और उसे बिट्टू के सोए हुए लिंग के सुपाड़े पर फेरने लगी. सुन्दर रुसी गोरी की आनंददायी, नरम-गर्म और गुलाबी जीभ का स्पर्श पाकर किसी नपुंसक का भी खड़ा हो जाए, ये तो फिर भी एक जवान लड़का था, और कुछ देर में ही बिट्टू का लण्ड फुंफकार मारता हुआ खड़ा हो गया, और अब वो मेरी पत्नी के मुंह में नहीं समा रहा था! मेरे लिए यह एक नया अनुभव था जो की मुझे बहुत पसंद आ रहा था.. मेरा लण्ड पूरी तरह खड़ा हो चुका था, और पेंट के दरवाजे पर दस्तक मार रहा था! मुझसे रहा नहीं गया, और मैंने अपनी पेंट उतार कर एक तरफ फेंक दी. मैं अपनी पत्नी को बिट्टू का लण्ड चूसता देखते हुए मुठ मारने लगा.
बड़ा सुन्दर दृश्य था.. सुन्दर, गोरी नताशा की गुलाबी जीभ बिट्टू के सांवले लण्ड से लिपट कर उसे गीला किए जा रही थी, और नताशा की मीठी लार बिट्टू के लण्ड पर बह रही थी!! बिट्टू का साइज भी ठीक-ठाक निकला, लगभग मेरे जितना, थोड़ा छोटा, लेकिन ज्यादा मोटा! नताशा अत्यधिक उत्तेजित हो चुकी थी, और उसने बिट्टू की पेंट को सरका कर घुटनों से नीचे उतार दी, और धीमे-२ आंडों को चाटने लगी.. बिट्टू उत्तेजनावश आह-ऊह करने लगा, और उसी समय मैंने नताशा के गालों को अपने लण्ड से टहोका. मुझे लगा था की अनुभवहीन बिट्टू उत्तेजना के चरम पर आकर झड़ सकता है, और के एल पी डी हो जाएगी!
नताशा अब मेरा लण्ड चूसने में लग गई, और मैं आज के मौके पर अत्यधिक उत्तेजनावश पत्नी का सिर पकड़ कर उसके मुंह में धक्के लगाने लगा. नताशा के मुंह से लार टपक कर बाहर आने लगी, लेकिन मैंने धक्कों की गति को और तेज कर दिया.
अब तक बिट्टू भी काफी खुल चुका था, और वो नताशा के नजदीक आकर उसकी स्कर्ट के नीचे चड्ढी को छूने लगा. मैंने समझते हुए आसानी के साथ अपने अनुभवी हाथों से नताशा की स्कर्ट और पैंटी निकाल दी. नताशा की एकदम गोरी और बालरहित चूत देख कर बिट्टू की ऑंखें फटी की फटी रह गयी! उसने आश्चर्यचकित आँखों से मेरी तरफ देखा तो मैंने उसे हिंदी में कहा,- बेटा देखी है कभी ऐसी चूत जिंदगी में? वो शर्मा कर बोला,- यार ये तो परियों की कहानी जैसा है.. तू बड़ा किस्मत वाला बन्दा है! ऐसी शानदार बीवी मिली है.. मैं तो सौ साल भी नहीं भूल सकता! क्या चूत है यार!!! ऐसी शानदार चूत की तो मैंने कभी कल्पना भी नहीं की थी.. और कर भी नहीं सकता था.. इंडियन लड़कियों की तो काली और बालों वाली देखी थी, लेकिन तेरी बीवी की तो बिलकुल गोरी-चिट्टी और क्लीन शेव्ड है! मन करता है की चाट लूँ इसे!! और इसके साथ ही उसने मुझसे पूछा की क्या वो नताशा की चूत को छू सकता है? मैंने उससे कहा की आज वो जो चाहे कर सकता है.. बिट्टू ने बड़े प्यार के साथ मेरी वाइफ की चूत को सहलाना शुरू कर दिया, और थोड़ी ही देर में उत्तेजना के आधिक्य में उसने गोरी चूत को रगड़ना चालू कर दिया.
– मैं भाभीजी की चूत को चाट सकता हूँ?- उत्तेजनावश बिट्टू पर गोरी चूत का नशा चढ़ता जा रहा था.
– मैंने नताशा को रुसी भाषा में दोस्त की इच्छा के बारे में बताया तो वो मुस्कुरा कर, अपनी टाँगे चौड़ी करके लेट गयी, और उंगली के इशारे से बिट्टू को अपनी चूत चाटने का निमंत्रण दिया. बिट्टू भी घुटनों के ही बल मेरी पत्नी के पैरों के बीच लेट गया, और अपनी जीभ द्वारा उसने नताशा के बाल रहित, क्लीन शेव्ड योनि होठों को छुआ तो मेरी जीवन संगिनी की सिसकारी निकल गयी.. बिट्टू ने अपनी जीभ को लम्बा निकाल कर भाभी के छेद में डाल दिया, और सिर ऊपर नीचे करते हुए नमकीन स्वाद वाले गुलाबी चूत के छेद को अपनी नुकीली जीभ से चोदने लगा. नताशा भी उत्तेजना में अपने चूतड़ लहराने लगी, और मैंने नताशा का सिर पकड़ कर तेजी से उसका मुंह चोदना शुरू कर दिया, और हाथों से उसकी चूचियाँ सहलाने लगा. शानदार कार्यक्रम चल रहा था.. गज़ब का सीन था, स्वयं कामदेव और रति भी शर्मा जाते हमें देख कर!!
– आआआ .. मस्त! अपने दोस्त से कहो की वो अपना लण्ड मेरी चूत में डाल दे! मैंने बिट्टू की और इशारा किया, और उसने सीधे खड़े होकर अपने लण्ड को मेरी पत्नी की चूत के छेद से भिड़ाना शुरू कर दिया. मेरी धर्मपत्नि से अब सहन नहीं हो रहा था, और वो स्वयं ही पीछे की और धक्के लगाने लगी थी.
– अच्छा होगा कि बिट्टू तुम्हे ट्रेडिशनल स्टाइल में, तुम्हारे ऊपर लेट कर ही चोदे, वर्ना वह जल्दी झड़ सकता है!- मैंने राय प्रकट की.
मेरे कहने पर बिट्टू ने मेरी आज्ञा को शिरोधार्य करते हुए, उस पर अमल करना शुरू कर दिया.
नताशा ने कमर के बल लेट कर अपने पैर चौड़े कर दिए, और बिट्टू उनके बीच घुटनों के बल बैठ कर अपने लण्ड को मेरी भार्या की चूत से रगड़ने लगा. नताशा ने उसकी कंधे पकड़ कर उसे अपनी और झुकाया, तो पंजाबी लण्ड रुसी चूत को भेदता हुआ अंदर घुस गया! उत्तेजना के आधिक्य में बिट्टू ने आँखे बंद कर ली, और पूरा लण्ड अंदर घुसेड़ कर रुक गया. फिर धीरे-२ अपनी कमर चलानी शुरू कर दी. लड़के को ऐसी शानदार लड़की की चूत मारने का मौका मिला था, की वो यकीन ही नहीं कर पा रहा था! शायद वो इस पल को हमेशा के लिए अपनी आँखों में कैद करके रक लेना चाहता था, इसलिए वो बंद आँखों से ही चुदाई में तल्लीन था!! धीरे-२ धक्कों की रफ़्तार बढ़ती जा रही थी, साथ ही नताशा की कराहटें.
– अरे भई, सारी की सारी चूत अकेले ही मारोगे! कुछ बेचारे गरीब पति के लिए भी छोड़ दो.. मैंने जोड़े के नजदीक जाकर बिट्टू को लण्ड बाहर निकालने का आदेश दिया.
– भाई साहब सब आपकी कृपा है.. वर्ना हमारे ऐसे नसीब कहाँ!- बिट्टू ने कृत्यज्ञताज्ञापन जताया.
– कोई बात नहीं यार, दोस्ती में सब चलता है.. तुम्हारी भाभीजी का मुंह खाली हो गया है, जरा ख्याल रखो भई!- मैंने बिट्टू की तरफ आँख मारते हुए हँस कर कहा. बिट्टू ने इशारा समझते हुए, अपने लण्ड को हाथ में पकड़ कर अपनी भाभीजी के होठों से लगा दिया. नताशा ने भी अपने देवर के लण्ड को पूरा सम्मान देते हुए अपने मुंह में डाल लिया, और अपनी नरम-गर्म, गुलाबी जीभ से उसे चूसने लगी.
इस शानदार दृश्य को देखकर मेरा लण्ड पूरी तरह तन कर झटके लेने लगा, और मैंने अपनी वाइफ की चूत में घुसेड़ दिया जो कुतिया बनी, घुटनो पर बैठी बिट्टू का लण्ड चूस रही थी. न सिर्फ उसकी पोजीशन, बल्कि उसकी फितरत भी इस समय कुतिया जैसी ही नज़र आ रही थी.. उसकी निजी संपत्ति, यानि मेरा लण्ड उसकी चूत का बाजा बजा रहा था, और बेगाने लण्ड को भी उसने कस कर मुंह में जकड रखा था! मैं मजे के साथ इस सुन्दर दृश्य का आनंद ले रहा था. समय के साथ बिट्टू की उत्तेजना बढ़ती जा रही थी, और नताशा के मुंह में उसके धक्कों की गति भी! नताशा भी बिना किसी परेशानी के भारतीय देवर के लौड़े को अपनी गुलाबी रुसी चूत में लिए जा रही थी. रुसी चूत दो-२ भारतीय लौड़ों के झूले पर सवार हो कर हवा से बातें कर रही थी.
इस बार हम काफी देर तक चूत व् मुंह चुदाई करते रहे, और जब हमने अपने लौड़े बाहर निकले तो वो काफी लाल पड़ चुके थे! हम दोनों अपने खड़े लौड़ों के साथ अगल बगल बेड पर बैठ गए और हमारी पत्नी ने हमारे बीच में आकर दोनों के लौड़ों को जोड़ कर पकड़ लिया, साथ ही साथ इस प्रकार दोनों लण्डों को इकठ्ठा ही चाटने लगी!! ये तो आनंद की सीमा से परे था.. इतनी मस्ती! कभी सोचा भी न था की यदि पत्नी समझदार मिल जाए तो सारी दुनिया की दौलत से भी कीमती होती है! क्या सूझ बूझ दिखाई हमारी पत्नी ने.. दोनों लण्डों को इकठ्ठा ही चूसने लगी! हालाँकि मोटाई काफी अधिक हो गयी थी, और हमारी जानेमन मुश्किल से सिर्फ हमारे सुपाड़े ही अपने मुंह में ले पा रही थी, लेकिन उसकी लगन काबिलेतारीफ थी. उसकी कोशिश तो हरदम दोनों लण्डों को अपने मुंह के अंदर घुसेड़ने की ही थी, और इसी वजह से हमें अपने शिश्नों पर हमारी पत्नी के दातों की मीठी चुभन भी महसूस हो रही थी. झड़ने से बचने के लिए मैंने इस झकझोर देने वाले पोज़ को ख़त्म करने का फैसला किया:
– गजब ढा रही हो जानेमन आज तो.. क्या इरादा है?- अपने लण्ड को नताशा के मुंह से निकालते हुए मैंने फिकरा कसा.
– मुझे इतना मजा कभी नहीं आया, जितना आज. मन ही नहीं भर रहा कतई.. बस दिल करता है कि ये चुदाई कभी ख़त्म ही न हो, हम तीनों बस यूँही चिपके रहें, और तुम दोनों के लण्ड मेरे अंदर घुसे रहें!!- थोड़ी भावुक हो चली नताशा के मुंह से उसके दिल कि आवाज़ निकली.
– पत्नी कि इच्छा, हमारे लिए हुक्म है जानेमन.. जैसी आपकी इच्छा बेगम साहिबा, दोनों लण्ड चाहिए अपने अंदर.. दोनों मिलेंगे! चलिए हमारी रानी साहिबा, अपने छोटे पति साहब के लण्ड को उनके ऊपर लेट कर अपनी चिकनी चूत में डलवा लीजिये!- माहौल को थोड़ा हल्का करने कि गरज से मैंने इतनी अश्लील बात इतने नाटकीय अंदाज में बोली!
नताशा न चाहते हुए भी हंस पड़ी, और फिर शर्मा कर मुंह छिपाने लगी. हम दोनों लड़के हंसने लगे, और नताशा शर्मा कर हाथों से चेहरे को छुपाने लगी.
– अरे सॉरी.. अगर हमारी कोई बात तुम्हे बुरी लग गई हो तो!- मैं हंस कर और नाटकीयता के साथ बोला.
– चलो शैतान कहीं के!- नताशा भी हंस दी, और फिर हम तीनों मिल कर हंसने लगे. माहौल हल्का हो चुका था, और हम सभी को थोड़ा आराम भी मिल गया, जिसकी हमें सख्त जरुरत थी. अब हमें अपने मुख्य काम पर वापस लौटना था, और दोनों प्रेमी बिलकुल नहीं भूले कि मैंने कौन से पोज़ में उन्हें आगे चुदाई करने को कहा था! बिट्टू बेड पर कमर के बाल लेट गया, और हमारी अर्धांगिनी उसके लण्ड के ऊपर अपनी चूत रख कर बैठ गई. साधारण से पोज़ में चुदाई शुरू हो गयी थी, और मैं अपने लण्ड को हिलाता हुआ नतालिया के पीछे आ गया. नीचे वाले छेद में बिट्टू का लण्ड ग़दर मचाए हुए था, और मैंने नतालिया की गांड के छेद को निशाना बना कर धीरे-२ अपना लण्ड अंदर घुसाना चालू कर दिया. जब तक पूरा लण्ड अंदर नहीं घुस गया, दोनों प्रेमियों ने हिलना बंद कर दिया था, और मेरा पूरा लण्ड अंदर जाने के बाद नताशा जोर से चहकी, और फिर हम दोनों लड़के अपने-२ छेदों को चोदने लगे. मेरा सपना पूरा हो गया था.. मैं हमेशा सोचता था, क्या कभी नताशा मानेगी मेरे साथ-साथ किसी और के भी साथ चुदने के लिए! नताशा के दोनों छेदों की इकट्ठी चुदाई मैं हमेशा से ही चाहता था.. और आज मेरा ये सपना पूरा हो रहा था!
– ओओओ.. मस्त!.. गजब!! आआआ.. आखिर आज मेरे छेदों को दो लण्ड मिल ही गए! मुझे कितनी तमन्ना थी इस पल की.. आआआ पेलो मेरे राजाओं! और अंदर तक डालो.. मस्त.. मस्त.. मस्त!!!- नतालिया आनंद के अतिरेक से फटी जा रही थी.
मैं देख रहा था, कैसे मस्ती की प्रतीक्षा में नताशा ने बिट्टू के लण्ड को बिना हिलाए डुलाये अपनी चूत में कैद कर रखा था, और मेरे लण्ड को अपनी गांड में कुदवा रही थी. मैं बड़े ही आराम के साथ मेरी पत्नी के अंदर एक और लण्ड की उपस्थिति को महसूस कर पा रहा था. आखिर बिट्टू का लण्ड मोटाई में मेरे लण्ड से बीस जो था! और आखिर जब बिट्टू ने भी चूत चुदाई चालू कर दी तो ऐसा मज़ा आया.. हम दोनों के लण्ड अगल बगल के कमरों में उछल कूद मचा रहे थे, तो उनका आपस में टकराना भी लाज़िमी था, जिसकी वजह से चुदाई एक पल को रोकनी पड़ती थी. इस समस्या का समाधान करने के लिए मैंने एक अनुकूल समय चुन कर चुदाई कि एक विशिष्ट दिशा निर्धारित कर ली, जिस पॉकेट में बिट्टू के लण्ड कि उपस्थिति उतनी महसूस नहीं हो रही थी. अब हमारे लण्ड बिना एक दूसरे से टकराए आराम से अलग-२ दिशाओं में चुदाई करने लगे. इस शानदार चुदाई की तस्वीर ही तो मेरे दिमाग में हमेशा से बसी हुई थी, और इसके लिए मैं अपना सब कुछ न्योछावर करने को तैयार था! दिमाग को हिला देने वाली तस्वीर.. पति का लण्ड नताशा की गांड में, देवर का मूसल उसकी चूत में, और खुद नताशा अपने भाग्य पर इत्र रही थी! इससे ज्यादा और क्या चाहिए एक पत्नी प्रेमी पति को! मेरे ख्याल से तो इससे शानदार कुछ हो ही नहीं सकता, की तुम्हारी प्रेमिका पत्नी दो-दो लण्डों के हिंडोले पर झूला झूले. उसे उस परमानन्द की प्राप्ति हो रही होती है जिसे शब्दों में बता पाना संभव नहीं.
कमरे के वातावरण में मस्त आवाजें उड़ रहीं थी: फच-फच-फच-फच-फच-फच.. उूुुउउउउउउ..आआआआआअ.. और जोर से.. आआआआ.. मैं उड़ रही हूँ.. आआआआअ.. सातवे आसमान पर.. हाय मुझे जरा जोर से चोदो मेरे पतियों! थोड़ा दर्द देते हुए.. थोड़ा और अंदर तक! हाय.. मुझे क्या पता था की दो लण्ड इतना मजा देंगे.. मैं भी कितनी पागल हूँ इतने दिनों तक तैयार नहीं हुई!! आआआआ.. मेरे प्यारे पति तुम पहले क्यों नहीं लाए मेरे बिट्टू को मेरे पास!! खैर कोई बात नहीं, जो बीत गया, सो बीत गया.. देर आयद दुरुस्त आयद! लण्ड तो लण्ड है, मांस का टुकड़ा.. क्या फर्क पड़ता है, पति का या किसी दूसरे का.. वो भी अगर पति खुद दिल रहा है!! आआआआ.. जरा और मस्ती के साथ चोदिये मुझे मेरे आकाओं.. पसंद आये आपको मेरे जादुई छेद? ऐं? चलिए-चलिए..- नताशा पर शेम्पेन का नशा पूरी तरह हावी हो चूका था, लेकिन शेम्पेन से ज्यादा दो-दो लण्डों का!!!!
अब बिट्टू संग हमने थोड़ा ताकत लगा कर चुदाई करने का फैसला किया, जिससे कि हमारी रानी को मीठे-२ दर्द का अहसास हो! बिट्टू ने नताशा कि चूचियों को हाथों में पकड़ लिया, और जोर-२ से चूत में धक्के मरने लगा. पीछे से मैंने भी प्यार की पुजारन की गांड में तगड़े शॉट लगाने शुरू कर दिए.. बिट्टू संग हमारे लण्ड दोबारा एक दूसरे से टकराने लगे, लेकिन अब हमें इसकी परवाह नहीं थी, क्योंकि अब नताशा का भोसड़ा खूब खुल चूका था, और काफी पानी दे रहा था. वाकई में चित्र इतना शानदार था, दो तने हुए लण्ड रूपी बर्मे गीले हो चुके छेदों की अंधाधुंध ड्रिलिंग कर रहे थे!!!!!!!!
लेकिन तभी मैंने जल्दी से गांड से लण्ड निकाल लिया, और नताशा को सीधा कर दिया, जिससे बिट्टू भी रुक गया.
– प्रिय पत्नी, बिट्टू का लण्ड भी तुम्हारी गांड का स्वाद चखना चाहता है.. दोगी उसे?- मैंने थोड़ा आराम करने की गर्ज से बातें करना शुरू कर दिया,- लेकिन उसका लण्ड बहुत मोटा है.. ले सकोगी उसे अपनी छोटी सी गांड में?
– ऐसा कुछ खास मोटा तो नहीं.. ट्राई करते हैं!- नताशा मुस्कुरा कर बोली.
हमने बिट्टू संग जगह की अदला-बदली की, और मैं पलंग पर लेटकर नीचे से चूत मारने लगा, साथ ही साथ मैंने दोनों हाथों से नताशा के चूतड़ पकड़ कर, उँगलियों से उसकी गांड के छेद को टटोला. फिर मैंने सीधे हाथ में अपने मुंह से थूक निकाल कर उसकी गांड के छेद पर मल दिया. बिट्टू ने अपने मोटे लण्ड को सीधा किया, और हमारी जानेमन के चूतड़ों के पीछे खड़े होकर अपने सुपाड़े को मेरे थूक से गीले हुए छोटे छेद से रगड़ने लगा. नताशा मोटे लण्ड के इंतजार में कराहते हुए गांड पीछे की तरफ फेंकने लगी. बिट्टू सावधानीपूर्वक लण्ड को गांड के अंदर घुसेड़ने लगा, अभी सिर्फ उसका सुपाड़ा ही अंदर पहुंचा था, की नताशा बोली कि दर्द हो रहा है.. थोड़ा धीमे डालो. मैंने जल्दी से अपने सीधे हाथ की उँगलियों को अपने थूक से भिगोते हुए बिट्टू के सूख चुके लण्ड को तर कर दिया. इसके बाद उसे छोटे-२ धक्के मारने को कहा. इस बार थोड़ी आसानी से बिट्टू का मोटा लण्ड मेरी बीवी की गांड में घुसना शुरू हो गया. नतालिया हालाँकि अभी भी थोड़ा दर्द महसूस कर रही थी, लेकिन पहले से काफी कम. बिट्टू ने बड़ी समझदारी से थोड़ा-२ करते हुए अपना पूरा लण्ड मेरी जीवनसंगिनी की गांड में उत्तर दिया. हमारी जानेमन कराहते हुए हौले-२ अपने चूतड़ आगे-पीछे चलने लगी, जिससे बिट्टू का जड़ तक गांड में घुसा हुआ लण्ड अंदर-बाहर होने लगा. नताली एक बार फिर दर्द से कराही, और थोड़ा रुक कर दोबारा धीरे-२ गांड चलाने लगी. इस बार बिट्टू का लण्ड थोड़ा ज्यादा-ज्यादा अंदर बाहर होने लगा था, और उसकी भाभीजी को भी शायद मजा आना शुरू हो गया था.. इसलिए अब बिट्टू ने लगभग पूरा लौड़ा बाहर निकाल कर झटके से अंदर घुसेड़ दिया. इतने तीक्ष्ण धक्के को मेरी धर्मपत्नी बर्दाश्त नहीं कर पाई, और अपनी गांड आगे को कर बिट्टू के लण्ड को बाहर निकाल दिया:- आआह! मार डाला.. कितना मोटा लण्ड है तुम्हारा! हाय कतई फाड़ डाली.. जाओ मैं नहीं दूंगी तुम्हे!,- हमारी पत्नी नाराज हो चली थी.
– अरे भई, थोड़ा धीरे-धीरे डालना था ना! तुम्हारी भाभी जी को तो मेरे लण्ड की आदत है ना दोस्त.. और मेरे लण्ड की मोटाई तो तुम्हारे वाले की आधी ही है यार! देखूं कही सचमुच ही ना फट गई हो मेरी गुड़िया की नन्ही सी गांड!- मैं थोड़ा गुस्से से बोला.
लेकिन वहां सब कुछ ठीक-ठाक था, मैं बिट्टू से बोला,- बहुत दर्द हो रहा है तुम्हारी भाभीजी को, चलो थोड़ा सा प्यार करो उस जगह का जिसको इतनी बेदर्दी से मारा है तुमने!
अंधे को क्या चाहिए.. दो ऑंखें! बिट्टू तो खुद ही मारा जा रहा था नताशा की गांड चाटने को.. उसने कमर के बल लेती हुई नताल्या के कूल्हों को थाम कर उसकी टांगे अपने कन्धों पर रख लीं, और कुत्ते की तरह जीभ निकाल कर मेरी बीवी की गांड चाटना शुरू कर दिया. मैंने ध्यान दिया की बिट्टू को गोरी चूत-गांड चाटना बहुत पसंद था! और तो और, वो तो जीभ नुकीली बना कर गांड के छेद में डालने में भी कोई गुरेज नहीं कर रहा था! थोड़ी देर की गांड चटाई से नताशा दुबारा नार्मल हो गई, और फिर से कराहने लगी, और उसने बिट्टू का लण्ड पकड़ लिया. मैंने प्रेमी जोड़े की मदद करते हुए उन्हें ६९ के पोज़ में ला दिया. अब दोनों के यौन अंग एक-दूसरे के मुंह के सामने थे, और उन्होंने एक दूसरे के लण्ड-चूत को चूसना शुरू कर दिया. बिट्टू का गर्दभ लण्ड मेरी वाइफ के मुंह में घुसते ही दोबारा तन गया, और नाग की तरह फुंफकार मारने लगा!! मेरी जान से प्यारी पत्नी पुरे तन-मन से देवर के हिंसक, गधे जैसे लण्ड को चूसने लगी. वातावरण में दोबारा मधुर ध्वनियों की आभा बिखरने लगी.. पुच पुच पुच पुच पुच.. चपर चपर चपर चपर चपर.. अत्यधिक कामोत्तेजित होने पर बिट्टू तेज धक्के लगता हुआ मेरी भार्या के मासूम मुंह में अपने पुरे तन चुके, उसके थूक से लिपटे मोटे लण्ड को तीव्र गति के साथ पेलने लगा: फचर फचर फचर फचर फचर फचर फचर फचर.. मेरी डार्लिंग की गांड भी बिट्टू के थूक से तर हो चुकी थी, इसलिए मेरे इशारा करने पर जब बिट्टू ने दोबारा से नताशा की गांड मारनी शुरू की तो नताशा को इस बार उतना दर्द नहीं हुआ, और उसने एक बार में ही पूरा लण्ड अपनी गांड में घुसवा लिया. बिट्टू भी इस बार और अधिक उत्तेजित था, और उसका लण्ड अधिक विकराल! बिट्टू ने दांत भींच कर, लण्ड को आधा बाहर निकाल कर, मेरी वाइफ की गांड में करारा शॉट मारा.. नताशा थोड़ी कुनमुनाई, लेकिन उसने पहले की तरह छूटने की कोशिश नहीं की. वो कराहने लगी, और बिट्टू ने दोबारा लण्ड को बाहर निकाल कर भनभनाता हुआ स्ट्रॉक मारा. नताशा दोबारा कुनमुनाई, और उसने अपने पैरों को और चौड़ा कर लिया. अब तो लड़के की हिम्मत बढ़ गई, और उसने इस बार पूरा लण्ड बाहर निकाल कर गोरी मेम के मलाशय में ठूंस दिया. सुन्दर रुसी गोरी सिसयाने लगी, लेकिन ऐसी कोई हरकत नहीं की, जिससे यह प्रतीत होता की वो इसके विरुद्ध है.
कभी धीरे, कभी तेज धक्के मारते हुए बिट्टू ने हमारी पार्टनर की गांड अच्छी तरह से रवां कर दी थी और अब वो आराम से बिट्टू के मूसल लण्ड को अपनी गांड में पिलवा रही थी.
– मुबारक हो!,- मैंने अपना लण्ड पकड़ कर प्रेमी जोड़े के नजदीक आकर नताशा के मुंह में देते हुए कहा,- सच पूछो तो आज तुम्हारी नथ उत्तर गई! नताशा ने उत्तर में शर्मा कर नजर झुका ली, और फिर मुस्कुरा कर मेरे लण्ड को मुंह में दाल कर चूसने लगी. जल्दी ही मेरा लण्ड भी योद्धा बन कर चुदाई के मैदान में उतरने को तैयार था, लेकिन उससे पहले मुझे सेक्स का एक और बहुत महत्वपूर्ण सबक अपनी पत्नी को देना था..
– बहुत खूब.. अब मेरी प्यारी बार्बी गुड़िया की गांड किसी भी लण्ड से मुकाबला कर सकती है.. लेकिन मेरी प्यारी सी छोटी गुड़िया का काम अभी ख़त्म नहीं हुआ है, पहले उसे नियमानुसार गांड से निकले बिट्टू भाई के लण्ड को अपनी नाजुक, गुलाबी जीभ से चाट-२ कर साफ करना है!!- मैंने अपनी अर्धांगिनी से कहा,- तुम चिंता मत करो, तुम्हारा मलाशय बिलकुल खाली था, अब पता लगा क्यों मैंने सेक्स शुरू करने से पहले तुम्हे पेट खाली करने को भेजा था..
मेरी विश्वासपात्र पत्नी ने एक आज्ञाकारी शिष्य की भांति बिट्टू के अभी-अभी अपनी गांड से निकले लौड़े को अपने मुंह में डाल कर चूसना शुरू कर दिया. बिट्टू तो मारे ख़ुशी के झूम उठा, और लहरा-२ कर अपने बांके लण्ड को मेरी बीवी के मुंह में पेलने लगा. नताशा के गर्म मुंह, और नरम जीभ ने अपना कमाल दिखाया, और जवान लड़के का लण्ड फिर से सेना के जवान की तरह सेल्यूट मारने लगा!
– सुनो बिट्टू, तुम मेरी बीवी की गांड का बमभोसड़ा बना चुके हो, अब तो ये तुम्हारा लण्ड किसी भी एंगल से अपनी गांड में ले लेगी.. अब तुम लेट कर नीचे से अपनी भाभीजी के छोटे छेद को चोदने की कोशिश करो.. और मैं ऊपर से चिकनी चूत में डालूँगा.- मैंने भी अपना लण्ड हमारी सेक्स पार्टनर के अंदर पहुँचाने की गर्ज से कहा.
अब चुदक्कड़ बिट्टू कमर के बल पलंग पर लेट कर, अपने ऊपर चित लेती अंग्रेज गोरी के गांड के छेद को अपने फाडू लण्ड से कुरेदने लगा. मेरी बीवी ने उसकी मदद करने का फैसला किया, और खुद ही अपने हाथों से उसके शिश्न को अपनी गांड के छेद में घुसेड़ लिया. अभी नया पोज़ होने की वजह से, आदत ना होने के कारण मेरी वफादार पत्नि का मासूम छेद बिट्टू के मूसल लण्ड को धीरे-२ निंगल पा रहा था. कुछ दो चार हल्के धक्के लगाने के बाद, बिट्टू को सही पोजीशन का अनुमान हो गया, और वो अपने ऊपर लेती भाभी को इधर-उधर सरकाकर उसके छोटे छिद्र को अपने लण्ड की सीध में ले आया. अब तक अच्छा खासा अनुभव प्राप्त कर चुका बिट्टू का लण्ड बिना जल्दी किए धीमे-२ नताली की गर्म सुरंग में यात्रा करने लगा.
– जानेमन.. सिर्फ बिट्टू भाई पर ही मेहरबान रहोगी, या हमारा भी थोड़ा बहुत ख्याल कर लोगी?- लण्ड पकड़ कर अपनी अँगरेज़ बीवी के नज़दीक आते हुए मैंने थोड़ा मजाक किया. गोरी मेम ने शिकायती मुख मुद्रा के साथ बड़े प्यार से मेरे लण्ड को अपने होंठ गोल करके अंदर डलवा लिया. थोड़ा ढीला पड़ चुके लण्ड को मानो टॉनिक मिल गया, और कुछ देर की चुसाई से ही वो काठ की तरह कठोर हो गया. उधर बिट्टू का घोड़े जैसा लण्ड अब गति पकड़ चुका था, और बिट्टू उसे पूरी तरह से बाहर निकालता था, फिर नताशा पूरी तरह से झुक कर उसे अंदर ले लेती थी! मेरी जान से प्यारी पत्नी ने अब नौजवान बिट्टू के कड़क लण्ड को अपनी सुन्दर, गोरी गांड की गहराइयों से मिलवाने की ठान ली थी. इस सुन्दर दृश्य को देखकर मेरा मन भी मचल गया, और मैं लण्ड नताशा के मुंह से बाहर निकाल कर, उसकी चूत में डालने की तैयारी करने लगा. बिट्टू के लण्ड से ब्यस्त गांड का छेद बड़ा मतवाला हो चला था, और बिट्टू का मोटा लण्ड उसके अंदर फंसा हुआ ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो छोटे से छेद में खूंटा गाड़ दिया हो!! जब मैंने अपनी प्यारी नताली के भग्न दाने को टहोक कर लण्ड को उसकी चूत के अंदर डाला, तो वो लगातार सिसकने लगी. उसकी चूत क्या, कतई भट्टी हो चली थी, और उसके अंतरंग अंग मेरे लण्ड को कभी भींचते, तो कभी छोड़ देते प्रतीत हो रहे थे. इसके अलावा मेरे लण्ड को शर्तिया दूसरे लण्ड की उपस्थिति का आभास हो रहा था. इसके कारण मैं बहुत ही उत्तेजित हो गया, और मैंने अपने लण्ड को एक ऐसी पोजीशन पर लाकर कि बिट्टू संग हमारे लण्ड आपस में न टकराएं, बहुत तेजी से चुदाई चालू कर दी. और जिस प्रकार से बिट्टू का भारी भरकम लण्ड मेरी बीवी की गांड को चोद रहा था, मैं ये देख कर और भी तेजी से चूत की चुदाई करने लगा. अभी तक मैंने ऐसा होते हुए सिर्फ पोर्न फिल्मों में ही देखा था, और आज मेरा ये सपना हकीकत में बदल गया था. मुझे सामने खड़े होकर चुदाई करने का फायदा ये था की मुझे सब कुछ होता हुआ साफ़ नजर आता था, और इस वक़्त की हकीकत ये थी की बिट्टू संग हमारे इंडियन लण्ड एक शाफ़्ट से जुड़े दो पिस्टन्स की तरह रशियन लड़की के छेदों का कबाड़ा कर रहे थे. बिट्टू संग हमारे लण्ड नताशा के छेदों में घुसते, निकलते वातावरण में मनभावन आवाजें पैदा कर ही रहे थे, और उनके घर्षण के कारण सारे कमरे में अश्लीलता की सुगंध फैली हुई थी, जो हम तीनो को वासना की गहराइयों में धकेलती जा रही थी.
चुदाई करते-२ एक पल के लिए मुझे अपने ऊपर शर्म भी आने लगी, कि पत्नि को मेरी आँखों के सामने गैर आदमी चोद रहा था.. लेकिन तभी अपनी जीवनसंगिनी का खुश और संतुष्ट चेहरा देखता ही ये दुःख भी काफूर हो गया, और मैं नई ताकत के साथ अपनी नताशा कि योनिछिद्र को चोदने लगा, जिसके भग्न होंठ मेरे धक्कों के प्रवाह में इधर-उधर बिखरे पड़ रहे थे. सारे घटनाक्रम में जो कुछ भी घटित हो रहा था,उसमे थोड़े समय का जो इंटरवल मिलता था (जब एक छेद से दूसरे में शिफ्ट होते थे), उसमे बेचारी नताशा अभी ठीक से सांस भी नहीं ले पाती थी, कि हम दोनों लड़के फिर से उसके छेदों को चोदना चालू कर देते थे. हालाँकि अपनी अनवरत चुदाई से अप्सरा जैसी सुंदरता वाली लड़की को कोई शिकायत नहीं थी, और हर धक्के के साथ उसकी तृप्त कराहटें और सुरीली चीखें सिर्फ हमारे लण्डों कि ताक़त को बढ़ा ही रहीं थी!
– आआआ.. हाँ, और जोर से.. रगड़ कर चोदिये.. हाँ ऐसे! आआह.. गजब कर दिया मेरे पतियों! मैं आप दोनों को अपने पेट में महसूस कर रही हूँ.. लेकिन रुकना मत! मेरी चिंता मत करो.. फाड़ डालो मेरी छेदों को! ओओए.. कितना मस्त शॉट मारा इस बार! हाँ ऐसे.. हाँ हाँ हाँ हाँ हाँ हाँ हाँ हाँ हाँ हाँ हाँ हाँ हाँ हाँ हाँ.. और और और और और और और और और और और और.. आआआआआआआआआआआआअ.. दोस्तों मैं झड़ रही हूँ.. आआआआअ.. तुम लोग भी उड़ेल दो अपने वीर्य को मेरी चूत में.. मेरी गांड में! आआआआआ..
बिट्टू संग हम दोनोँ भी ख़त्म होने की कगार पर थे, लेकिन अंदर झड़ने के बारे में नहीं सोचा था, लेकिन पत्नि की इच्छा हमारे लिए कानून थी, और हम दोनों लड़कों ने एक्सप्रेस ट्रेन चला दी, और ठीक उसी वक़्त नताशा की चीख निकली थी.. ” तुम लोग भी उड़ेल दो अपने वीर्य को मेरी चूत में.. मेरी गांड में! आआआआआ..” और ठीक उसी वक़्त मैंने नताशा को अपनी छाती से चिपटा कर उसके होठों को अपने होठों से चिपका दिया! मेरे लण्ड ने नताशा कि चूत के अंदर पिचकारी छोड़ दी थी. लगभग तभी बिट्टू भी अपना पूरा वजन नताशा के ऊपर डालते हुए झटके मारने लगा! उसका लण्ड भी पिचकारी मार रहा था, ये मैंने बहुत अच्छी तरह से महसूस किया था, क्योंकि नताशा कि चूत के अंदर मेरे लण्ड को बिट्टू के लण्ड के गांड में वीर्य छोड़ने के झटकों का साफ़ अहसास हो रहा था.
हम दोनोँ लड़के काफी देर तक झड़ते रहे, करीब दस मिनट बाद ही हम नताशा से अलग हुए. पहले बिट्टू लड़खड़ाता हुआ उसके ऊपर से उठा, और फिर मैंने मेरी जान को सावधानीपूर्वक अपनी छाती से उतार कर पलंग पर लेटा दिया. वो बेसुध होकर सो गयी थी. मैंने उसके शरीर पर कम्बल ओढ़ाया, और उसके माथे पर चुम्बन अंकित करके, बिट्टू को साथ लेकर बैडरूम से बाहर निकल आया.

Updated: July 21, 2015 — 11:10 am

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